कड़वे बोल सुन सुन कर

कड़वे बोल सुन सुन कर,
तेरे, मैं हो गया पागल।
है ऐसा क्या कि तब भी,
मैं तेरा सम्मान करता हूँ।

Comments

16 responses to “कड़वे बोल सुन सुन कर”

    1. सादर धन्यवाद शास्त्री जी

  1. वाह, सर सम्मान करना तो बहुत अच्छी बात है।ये आपके अच्छे व्यवहार का परिचायक है।

    1. सादर धन्यवाद जी, आपकी सुन्दर टिप्पणी हेतु अभिवादन

  2. बहुत बढ़िया

    1. Satish Pandey

      Thanks

    1. Satish Pandey

      Thank You

  3. Devi Kamla

    बहुत ही अच्छा लिखा है

    1. Satish Pandey

      Thanks ji

Leave a Reply

New Report

Close