वक्त अनमोल है, ना कोई इसका मोल है ।
मुफ़्त में मिले, कुदरत से, इसकी कीमत पहचान ।
गर तू करेगा वक्त की कद्र…….
तो वक्त भी तेरी कद्र करेगा ऐ इन्सान ।
जीवन जी जा, बस सोच ले….
वक्त से ही चलता ये जहान ।
वक्त ने किया उजला जब- जब अंधेरा हो गया ।
वक्त को गंवाना नहीं, बस वक्त तेरा हो गया ।
अनमोल है वक्त
Comments
23 responses to “अनमोल है वक्त”
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कृपया “वक्त ने किया उजाला” पढ़ें।
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वाह, बहुत सुन्दर
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बहुत बहुत शुक्रिया जी 🙏
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Nice lines
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Thanks for your lovely comment
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आपकी कविता में विचार और चिंतन का उच्च स्तर विराजमान है। समय की महत्ता प्रतिपादित की गई है। वास्तव में समय शक्तिशाली होता है। यदि हम समय की कद्र कर पायेंगे तो तभी हम अपने जीवन मे कुछ प्राप्त कर पायेंगे। अतः कविता में मजबूत भाव पक्ष है। प्रवाहमय भाषा मे अलंकारिक छटा भी मौजूद है।’मुफ़्त में मिले,’ ‘जीवन जी जा, ‘ सहज ही आनुप्रासिक छटा प्रस्फुटित हुई है।
बहुत सुंदर कविता-
कविता का भाव समझने के लिए बहुत बहुत आभार 🙏
आपकी प्रेरक समीक्षाएं बहुत उत्साह वर्धन करती हैं, धन्यवाद जी 🙏
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वक्त की कीमत को प्रदर्शित करती हुई ,सुंदर अभिव्यक्ति
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बहुत बहुत धन्यवाद जी 🙏
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यथार्थ पर आधारित कविता
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सुन्दर समीक्षा हेतु आपका हार्दिक आभार एवं धन्यवाद इंदु जी 🙏
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बहुत अच्छी रचना
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शुक्रिया जी 🙏
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Very nice poem
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Thanks for your lovely comment Isha ji.💐
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बहुत सुंदर पंक्तियां
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बहुत धन्यवाद जी
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अतिसुंदर रचना
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सादर आभार एवं धन्यवाद जी 🙏
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बहुत सुन्दर
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बहुत बहुत धन्यवाद इन्दु जी🙏
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Very true
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Thank you
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