अनमोल है वक्त

वक्त अनमोल है, ना कोई इसका मोल है ।
मुफ़्त में मिले, कुदरत से, इसकी कीमत पहचान ।
गर तू करेगा वक्त की कद्र…….
तो वक्त भी तेरी कद्र करेगा ऐ इन्सान ।
जीवन जी जा, बस सोच ले….
वक्त से ही चलता ये जहान ।
वक्त ने किया उजला जब- जब अंधेरा हो गया ।
वक्त को गंवाना नहीं, बस वक्त तेरा हो गया ।

Comments

23 responses to “अनमोल है वक्त”

  1. Geeta kumari

    कृपया “वक्त ने किया उजाला” पढ़ें।

  2. वाह, बहुत सुन्दर

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत शुक्रिया जी 🙏

    1. Geeta kumari

      Thanks for your lovely comment

  3. Satish Pandey

    आपकी कविता में विचार और चिंतन का उच्च स्तर विराजमान है। समय की महत्ता प्रतिपादित की गई है। वास्तव में समय शक्तिशाली होता है। यदि हम समय की कद्र कर पायेंगे तो तभी हम अपने जीवन मे कुछ प्राप्त कर पायेंगे। अतः कविता में मजबूत भाव पक्ष है। प्रवाहमय भाषा मे अलंकारिक छटा भी मौजूद है।’मुफ़्त में मिले,’ ‘जीवन जी जा, ‘ सहज ही आनुप्रासिक छटा प्रस्फुटित हुई है।
    बहुत सुंदर कविता

    1. Geeta kumari

      कविता का भाव समझने के लिए बहुत बहुत आभार 🙏
      आपकी प्रेरक समीक्षाएं बहुत उत्साह वर्धन करती हैं, धन्यवाद जी 🙏

  4. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    वक्त की कीमत को प्रदर्शित करती हुई ,सुंदर अभिव्यक्ति

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद जी 🙏

  5. यथार्थ पर आधारित कविता

    1. Geeta kumari

      सुन्दर समीक्षा हेतु आपका हार्दिक आभार एवं धन्यवाद इंदु जी 🙏

  6. बहुत अच्छी रचना

    1. Geeta kumari

      शुक्रिया जी 🙏

    1. Geeta kumari

      Thanks for your lovely comment Isha ji.💐

  7. बहुत सुंदर पंक्तियां

    1. Geeta kumari

      बहुत धन्यवाद जी

  8. अतिसुंदर रचना

    1. Geeta kumari

      सादर आभार एवं धन्यवाद जी 🙏

  9. Indu Pandey

    बहुत सुन्दर

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद इन्दु जी🙏

  10. Seema Chaudhary

    Very true

    1. Geeta kumari

      Thank you

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