बहुत संभाल कर रखे हैं,
कुछ रिश्ते मैंने।
उनसे रूबरू भी होते हैं।
कभी हंस कर निभाते हैं,
तो कभी हंसा कर निभाते हैं।
कुछ रिश्ते…
Comments
16 responses to “कुछ रिश्ते…”
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इसका नाम ही जिंदगी है।
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जी,धन्यवाद सर
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बहुत सुंदर
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धन्यवाद जी
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बहुत खूब
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धन्यवाद सर
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सुन्दर पंक्तियां
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धन्यवाद
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सुंदर अभिव्यक्ति
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धन्यवाद
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bhut sundar
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धन्यवाद जी
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रिश्ता वो नहीं होता जो दुनिया को दिखाया जाता है
रिश्ता वह होता है,जिसे दिल से निभाया जाता है
अपना कहने से कोई अपना नहीं होता
अपना वो होता है जिसे*दिल से अपनाया जाता है-

बहुत सुंदर
हार्दिक धन्यवाद
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वाह
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धन्यवाद सर
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