झुक कर उठ जाती थी,
उनकी नज़रें,
हमारी मौजूदगी में।
और अब आलम ऐसा है,
कि उनकी नज़र,
अब उठती ही नहीं।
हमारी मौजूदगी में।
Comments
14 responses to “हमारी मौजूदगी में।”
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Very nice
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धन्यवाद सर
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Beautiful
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Thank you very much
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बहुत ख़ूब
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बहुत बहुत आभार
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अतिसुंदर भाव
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बहुत बहुत आभार सर
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बहुत सुंदर पंक्तियां
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बहुत बहुत आभार
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तुम एक नज़र देख लो खुद को मेरी नज़र से
तुम्हारी नज़रें तलाशेंगी खुद फिर मेरी नज़र को
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बहुत आभार 🙏
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अत्यंत प्रिय
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बहुत बहुत शुक्रिया
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