किसी के लिए दोस्त फरिश्ते हैं
किसी के लिए जिन्दगी जीने का बहाना
मेरे लिए सिर्फ आस्तीन का सांप हैं
नहीं है दिल में अब दोस्तों के लिए
कोई ठिकाना…
आस्तीन का सांप
Comments
8 responses to “आस्तीन का सांप”
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दोस्तों से नाराज़ , हताश व्यक्ति की भावुक रचना ।
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धन्यवाद
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मैं भी तो तुम्हारी दोस्त हूं प्रज्ञा, अच्छी वाली दोस्त🙂
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बहुत रंजिश गम है
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सुंदर
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सत्य
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आजकल की दोस्ती को व्यंग्य करती सुन्दर पंक्तियां
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दोस्ती पहले इम्तहान लेती थी ।
मगर अब वो बात ही न रही। ।
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