9 Comments

  1. अत्यंत गहरी भावाभिव्यंजना, पीड़िता के दुःख को बहुत ही सहज स्वरूप में प्रस्तुत किया है। मार्मिक भाव को इस तरह सामने लाया गया है कि आंखें भर जाएं। गला रुँध जाये। लेखनी को प्रणाम

    1. इतनी सुन्दर समीक्षा हेतु आपका बहुत बहुत धन्यवाद 🙏
      सच में ऐसी घटनाएं व्यथित कर देती हैं । बस हृदय के भाव ही प्रकट हो गए ।लेखन की सराहना के लिए आपका आभार ।

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