हम उस देश के वासी हैं

हम उस देश के वासी हैं जहाँ तिरंगा
लहराया जाता है
भारत माता की जय हो’
यह नारा खूब लगाया जाता है
पर अफसोस है इस बात का हमको
यह कैसी है राजनीति!
जब लुटे किसी की इज्जत तो
उसे राजनीति का मुद्दा बनाया जाता है
गलत हुआ उस लड़की संग
प्रज्ञा यह दिल से कहती है
पर दलित बोलकर उसे
क्यों जातिगत मुद्दा बनाया जाता है
क्या इज्जत लूटने से पहले
कोई पूंछता है तुम किस जाति की हो
पंडित हो तो छोंड़ दिया जाएगा
दलित को ही लूटा जाता है…

Comments

8 responses to “हम उस देश के वासी हैं”

  1. Geeta kumari

    बहुत ही मार्मिक और यथार्थ चित्रण । सुंदर प्रस्तुति

    1. थैंक्यू दी

  2. Satish Pandey

    बहुत सटीक, सार्थक और मार्मिक अभिव्यक्ति।

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