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  1. “आशा की एक नई किरण से, ओस बूंद सूखे आंखों में कि, फिर से बेचैनी ,साफ दिखे तेरी पांखों में ” जीवन जीने के सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाती हुई बेहद शानदार रचना । कवि सतीश जी ने पहले की कुछ नाकाम कोशिश को भूलने की सलाह देते हुए आगे भविष्य की ओर पूरे उत्साह से कदम बढ़ाने की प्रेरणा दी है । काबिले तारीफ़ रचना ।

    1. कविता के भाव का इतनी खूबसूरती से विश्लेषण करने हेतु आपको हार्दिक धन्यवाद है गीता जी। वास्तव में आप श्रेष्ठ समीक्षक हैं। बहुत सारा आभार

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