“वक्त बदला है’

आज तुमसे बात करके लगा
यूँ लगा जैसे वर्षों बाद
मेरी साँस में साँस आई..

ना तुम बदले ना तुम्हारा अंदाज
जैसे तुम थे वैसे ही हो
जैसी मैं थी वैसी ही हूँ..

बदला तो सिर्फ वक्त है
कल तुम सिर्फ मेरे हुआ करते थे
और आज किसी और के हो..

पर खुशी इस बात की है
कि तुम्हारी दीवानगी अभी तक नहीं गई
आद भी तुम मुझी पर मरते हो…

Comments

6 responses to ““वक्त बदला है’”

  1. अति सुंदर

  2. सुन्दर भवभिव्यक्ति

Leave a Reply

New Report

Close