तमाचा

एक तमाचा सा खाया,
ऐ ज़िन्दगी आज
कोई बात नहीं,
ज़िन्दगी कुछ सिखा ही गई…

*****✍️गीता

Comments

6 responses to “तमाचा”

  1. Harish Joshi U.K

    बेहतरीन, जीवन के कटु अनुभवों का सकारात्मक वर्णन

    1. धन्यवाद सर 🙏

    1. बहुत बहुत धन्यवाद आपका भाई जी 🙏

  2. Rajeev Ranjan Avatar

    जिंदगी के रास्ते सीखने के वास्ते

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद आपका राजीव जी🙏 बहुत सुंदर पंक्तियों से समीक्षा की है ।

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