तेरा मेरे लिए होना

तेरा मेरे लिए होना,
उतना जरूरी,
जितना जरूरी ,
ज़हान को हवा पानी है,
तू अंजाम है,
मेरे इश्क का ,
तू सुकून है ,
मेरी बैचेनी का,
कम शब्द में कहुं तो
दिल की हसरतें,
तेरी दीवानी है
सांसों के बिना,
कोई कैसे रहे
तू मेरे हाले-दिल की,
कहानी है
तेरा मेरे लिए होना
उतना जरूरी
जितना जरूरी
ज़हान को हवा पानी है
हंसी हो, खुशी हो,
गम हो या दर्द की झड़ी हो
वक्त की बदहाली में भी ,
तेरी मौजूदगी से ,
मौज-ए-रवानी है
तेरा मेरे लिए होना
उतना जरूरी
जितना जरूरी
ज़हान को हवा पानी है
फर्क नहीं पड़ता
लोगों की चुगलियों का,
तानों का,
बहानों का,
मेरे होठों की थरथराहट की ,
तू ही महज़ जुबानी है
तेरा मेरे लिए होना
उतना जरूरी
जितना जरूरी
ज़हान को हवा पानी है
Specially for my wife….

Comments

6 responses to “तेरा मेरे लिए होना”

  1. बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar

      हार्दिक धन्यवाद सुमन मैम

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar

      हार्दिक धन्यवाद सर

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      Thank you so much

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