“शुभ-दीवाली हो”
दीवाली की धूम मची है,
रौनक है बाजारों में
लेकिन तुम भूल ना जाना,
सुन्दर-सुन्दर दिए बनाए
अपने देश के कुम्हारों ने
दिए मोल ले कर उनसे तुम,
उनका भी पर्व मनवा देना
महीनों मेहनत की होगी,
तब जाकर इतने दीप बने
तुम्हारा घर भी रौशन होगा,
उनके घर भी पर्व मने
उनके भी बच्चे खाएं मिठाई,
उनके मुख पर भी लाली हो
जगमग उनका भी घर चमके,
उनकी भी शुभ-दीवाली हो
*****✍️गीता
बिल्कुल दिये जलायेंगे और दीपावली मनाएगे
प्रशंसनीय रचना सुंदर संदेश
सुन्दर समीक्षा के लिए बहुत बहुत धन्यवाद प्रज्ञा , बहुत बहुत आभार
Good
Thanks bhai
Welcome
अतिसुंदर
सादर धन्यवाद भाई जी 🙏
Good morning