4 Comments

  1. “केवल प्रेम किया और कुछ नहीं किया ओ श्याम ! कभी गोपी बन के तो देखो”
    बहुत सुंदर पंक्तियां ,नारी के समर्पण भाव को दर्शाती हुई बहुत सुंदर रचना

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