*एक था राजा एक थी रानी*

एक था राजा एक थी रानी
सुनो सुनाऊं एक कहानी
खुशी खुशी दोनों रहते थे
गीत खुशी के गाते थे
प्यार बहुत था दोनों में
एक दूजे पर जान लुटाते थे
फिर एक दिन आया तूफान
बहुत बरसा था उस दिन पानी
बिजली गिरी महल के ऊपर
बहुत हुई राज्य की हानि
टूट गए थे दोनों के दिल
सुनकर आया आंख में पानी
एक था राजा एक थी रानी
टूटे दिल और खत्म कहानी

*****✍️गीता

Comments

6 responses to “*एक था राजा एक थी रानी*”

  1. कहानी को कविता का रूप देकर एवं राजा रानी के माध्यम से अपने भाव रखकर सुंदर लिखा है आपने

  2. Geeta kumari

    बहुत बहुत धन्यवाद प्रज्ञा जी

    1. Geeta kumari

      🙏🙏 धन्यवाद

    1. बहुत-बहुत धन्यवाद भाई जी🙏

Leave a Reply

New Report

Close