लगा दो फाँसी मुझे

लगा दो फाँसी मुझे, मैं खुशी से झूम जाऊँगा ।
मैं भारत का लाल हूँ, अन्याय के विरूद्ध बिगुल फूँक दुँगा ।।
कवि विकास कुमार

Comments

4 responses to “लगा दो फाँसी मुझे”

  1. Virendra sen Avatar

    सुंदर अभिव्यक्ति

  2. जय हिंद जय भारत
    बहुत सुंदर

  3. देश प्रेम की सुंदर अभिव्यक्ति

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