गीत- बेवफा हो सकता नही |

गीत- बेवफा हो सकता नही |
इश्क हो और रुसवाई न मिले हो सकता नहीं |
मेरे बिन तू और तेरे बिन मै रह सकता नही |
तेरी खामोसिया कहती है बहुत कुछ मगर |
आंखे कर जाती बया बिन कहे बहुत मगर |
तू मुझे और मै तुझे कभी भूल सकता नही |
मेरे बिन तू और तेरे बिन मै रह सकता नही |
तेरे दिल की बात रुक जाती जुबां आते आते |
तेरी यादे रुला जाती मुझे सदा जाते जाते |
तू मुझे मै तुझे बात दिल कह सकता नहीं |
मेरे बिन तू और तेरे बिन मै रह सकता नही |
अपनी मोहब्बत को मै बदनाम न होने दूंगा |
तेरे नाम को कभी मै सरेआम न होने दूंगा |
तू मेरी मै तेरी जुदाई कभी सह सकता नहीं |
मेरे बिन तू और तेरे बिन मै रह सकता नही |
सिलसिला खामोस मोहब्बत युही चलता रहे |
मिले ना हम दोनों कभी प्यार युही पलता रहे |
न तेरा न मेरा प्यार कभी मर सकता नहीं |
शहंशाहे दिल अपना तुझको बनाया है मैंने |
तुमको मुमताज़ खुद शहंशाह बनाया है मैंने |
तू मेरा मै तेरा कभी बेवफा हो सकता नही |
मेरे बिन तू और तेरे बिन मै रह सकता नही |

श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -995550928

Comments

6 responses to “गीत- बेवफा हो सकता नही |”

  1. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    बहुत खूब श्याम जी

    1. Shyam Kunvar Bharti

      हार्दिक आभार आपका पंडित जी

  2. Geeta kumari

    सुन्दर अभिव्यक्ति

    1. Shyam Kunvar Bharti

      गीता जी आभार आपका

    1. Shyam Kunvar Bharti

      प्रज्ञा जी आभार आपका

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