हिन्दु पंचांग के अनुसार,
आज मार्गशीर्ष मास की,
शुक्ल पक्ष की एकादशी है
दिन है शुक्रवार
मार्गशीर्ष मास की,
शुक्ल पक्ष की एकादशी को
पवित्र ग्रंथ भगवत्-गीता की,
मनाई जाए जयंती
जिसको कहते हैं गीता जयंती
ब्रह्म-पुराण के अनुसार,
द्वापर युग में आज के दिन
कलयुग से मात्र तीस वर्ष पूर्व,
मार्गशीर्ष की शुक्ल पक्ष की एकादशी को,
श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया
सब लोगों को ये संदेश दिया,
कर्म किए जा ए इन्सान,
फल की चिंता मत करना
फल तो देगा ही भगवान
महाभारत के दौरान,
अर्जुन के मन में उत्पन्न हुए थे जो भ्रम-भाव,
उनका करने समाधान
कृष्ण ने गीता का उपदेश दिया था,
अर्जुन की दुविधा को दूर किया था
आज के दिन भगवत्-गीता का उद्भव हुआ,
कान्हा जी ने ये उपदेश दिया
शरीर अस्थाई है आत्मा है स्थाई,
आत्मा अजर है आत्मा अमर है
शरीर बदले जैसे परिधान,
आत्मा भी बदले परिधान
तन केवल आत्मा का परिधान है
तेरा कर्म ही तेरा स्वाभिमान है
सत्-कर्मों की तरफ अग्रसर करें गीता का ज्ञान,
कर्मों से ही है मानव तेरा सम्मान
______✍️गीता
गीता जयंती
Comments
6 responses to “गीता जयंती”
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अतिसुंदर रचना
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सादर धन्यवाद भाई जी🙏
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सुंदर जानकारी
बहुत खूब-
सराहना और समीक्षा हेतु धन्यवाद प्रज्ञा जी
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बहुत सुन्दर रचना
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धन्यवाद संदीप जी
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