वही रचेगा नया रचना
जो पढ़ेगा किसी का रचना
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माना कविता लिखना होता है ईश्वरीय वरदान
लेकिन कवि भी होता है एक प्रकार का हरि का खास संतान
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राम भक्त विकास कुमार
पढ़गो तभी लिखोगो
Comments
3 responses to “पढ़गो तभी लिखोगो”
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Nice
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Nice lines
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बिल्कुल ठीक कहा
अति उत्तम
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