4 Comments

  1. बहुत ही निन्दनीय बात है कि किसी जीव को मेरा जाए। ऐसे लोगों पर
    अच्छा व्यंग्य
    जीवों पर दया दिखाती हुई बहुत सुंदर रचना

  2. जीव हत्या पाप है.

    मुझे समझ नहीं आता किसी की जान लेकर कोई खुशी और आनन्द कैसे पा सकता है??

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