4 Comments

  1. कवि गीता जी की, बहुत सुन्दर रचना है यह, कविता में बेहतरीन प्रवाह है। स्नेह का भाव है, कविता कवि के अंतस से प्रस्फुटित है। प्रेरणात्मक शैली है। यह कविता किसी भी तरह के बनावटीपन से दूर अपने सच्चे रूप में दिखाई देती हैं। विचारों का स्वरूप जीवन दर्शन में बहुत सुंदरता से ढला है। बोधगम्य व सर्वग्राह्य भाषा है। बहुत खूब

    1. इतनी सुंदर समीक्षा से मेरा मन प्रफुल्लित हो गया है सतीश सर, आपने कविता के भावों को बहुत अच्छे से समझा उसके लिए आपका हार्दिक धन्यवाद । आपकी समीक्षाओं से एक कवि को बहुत ही प्रेरणा मिलती है। अभिवादन है सतीश जी

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