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  1. भाव का सरलीकरण कवि गीता जी का महत्वपूर्ण गुण है। उन्होंने अपनी इस कविता में अत्यंत सरस और विषयानुकूल शब्दों का चयन किया है। “यही तो जीवन है…
    जितनी जल्दी कोई समझ जाए” में अनुप्रास का अलंकरण किया गया है। कविता में व्यक्त कवि की संवेदना आम जीवन से जुड़ी संवेदना है, जो यह बताती है कि कौन अपना है, कौन पराया है। यह कविता समाज को सही गलत का भेद समझने की ओर प्रेरित करने में सक्षम है।

    1. कविता की बहुत ही सुन्दर व्याख्या की है सर आपने । धन्यवाद हेतु शब्द कम पड़ रहे हैं। इतनी सुन्दर और प्रेरणा दायक समीक्षा हेतु आपका हार्दिक धन्यवाद सतीश जी । बहुत-बहुत आभार सर

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