4 Comments

  1. बहुत सुंदर पंक्तियां अनु जी, शायद इसे ही स्पर्श थेरेपी( स्पर्श चिकित्सा) कहते हैं,जो हमे प्रकृति प्रदत्त है।इसमें वात्सल्य भी शामिल है और प्रेम भी। बहुत खूब लाजवाब अभिव्यक्ति

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