चुम्बन

वो भटकता रहा लफ़्ज़ दर लफ़्ज़
गढ़ने को परिभाषायें प्रेम की,
रिश्तों की, विश्वास की…!!

और
मैंने अंकित कर दिया हर एहसास
उसके दिल में सिर्फ चूम के
उसके माथे को…!!

‘दरअसल चुम्बन, आलिंगन और प्रेमल
स्पर्श मानव को सृष्टि द्वारा प्रदत्त
सर्वश्रेष्ठ भाषाएँ है..!!’

©अनु उर्मिल ‘अनुवाद’
(13/02/2021)

Related Articles

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

Responses

  1. बहुत सुंदर पंक्तियां अनु जी, शायद इसे ही स्पर्श थेरेपी( स्पर्श चिकित्सा) कहते हैं,जो हमे प्रकृति प्रदत्त है।इसमें वात्सल्य भी शामिल है और प्रेम भी। बहुत खूब लाजवाब अभिव्यक्ति

New Report

Close