4 Comments

  1. किताबें’…..मन के बन्द झरोखें
    खोल देती हैं..!!
    _____बिल्कुल सत्य कथन,बहुत सुन्दर रचना है सखी,📙🌹

  2. छांट कर संशय के अँधियारों को,
    ये जीवन को नई भोर देती हैं,

    ‘किताबें’…..मन के बन्द झरोखें
    खोल देती हैं..!!
    —- वाह क्या बात है, बेहतरीन पंक्तियां, बेहतरीन भाव।

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