Kisan aandolan

उसके खून से धरती माँ की चुनर लाल है,
उस अन्नदाता से ही माँ के लाल लाल है।
देखो आज माँ के कुछ लालो ने क्या हाल किया,
कुछ लोगो से ही मेरा अन्नदाता आज बेहाल है।

Comments

5 responses to “Kisan aandolan”

  1. Vanshika Yadav Avatar

    Please comment my poem mai sirf 15 years ki hu🙏🙏🙏🙏🙏

  2. Geeta kumari

    बहुत सुंदर प्रयास है, बस यूं ही अभ्यास करते रहो और लेखन में ख़ूब आगे जाओ

  3. vikash kumar

    BAHOOT Sundar

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