वह पढ़ना चाहता है
जीवन से लड़ना चाहता है।
आगे बढ़ना चाहता है
किंतु क्या रोक रहा उसको,
कोई टोक रहा उसको
बाप कहे कुछ कर मजदूरी,
ऐसी भी क्या है मजबूरी
चंद सिक्कों की खातिर,
कौन कर रहा बचपन पर अत्याचार है,
शिक्षा तो उसका अधिकार है।
कोई इन्हें समझाए,
यदि ये बच्चे शिक्षित हो जाएं,
तो तुम्हारे ही घर का उद्धार है।
देश का भी हित होगा,
फिर क्यों इनका अहित हो रहा।
मैं समझाती रहती हूं,
अक्सर मिलती मुझको हार है।
कैसे समझाया जाए इनको,
शिक्षा का महत्व
यही सोचती “गीता” बारम्बार है।।
_____✍️गीता
शिक्षा का महत्व
Comments
9 responses to “शिक्षा का महत्व”
-
बहुत सुंदर रचना
-
बहुत-बहुत धन्यवाद सर
-
-

सुंदर
-
Thank you
-
-
शिक्षा के महत्व को बताती और आगे बढ़ने को प्रेरित करती कवि गीता जी की बहुत ही बेहतरीन रचना है यह। कवि की लेखनी में अपने चारों ओर की विषम परिस्थितियों से भी जीवन-रस को खींच लेने का माद्दा है, जीवन के दर्द को पहचानने की कोशिश और कशिश है।
-
इस प्रेरक और उत्साहवर्धक समीक्षा हेतु हार्दिक धन्यवाद सतीश जी।
-
-
अतिसुंदर भाव
-
बहुत-बहुत धन्यवाद भाई जी 🙏
-
-

समाहार शक्ति मजबूत है ् उत्ं वर्णमाला
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.