5 Comments

  1. चंद्रोदय मुझसे कह रहा:-
    कविता लिखने की बात,
    मैं कविता के मामले में हूँ
    ठनठन गोपाल.
    हूँ ठनठन गोपाल
    ना आती कविता मुझको
    फिर भी सब कहते हैं
    क्यों कवयित्री मुझको !

    अपने आपको निम्न दिखाना हर किसी के
    बसकी बात नही..
    सब तो अपनी तारीफ खुद ही कर लेते हैं
    आपमें वह गुण है कि आप अपनी प्रसंशा ना करके
    खुद को निम्न दिखाती हैं

    सुंदर अभिव्यंजना

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