4 Comments

  1. “कहे लेखनी करें, भले कितनी फरियादें,
    बीता नहीं लौटता बस रहती हैं यादें।”
    _______सत्य कथन है सर, जाने वाले की यादें ही शेष रह जाती हैं सदा के लिए हृदय में,कितना भी याद करो फरियाद करो जाने वाले लौट कर नहीं आते हैं यही इस संसार का कटु सत्य है। छंद शैली में बहुत संजीदा और उम्दा प्रस्तुति।

Leave a Reply