6 Comments

  1. ये गुनगुनाहट कहाँ हुई है
    जो लेखनी ने बयान की है…….
    ******* कवि के कोमल हृदय की खूबसूरत भावनाओं को दर्शाती हुई बेहद खूबसूरत रचना, लाजवाब अभिव्यक्ति, सुन्दर शिल्प और शानदार प्रस्तुति

  2. ये गुनगुनाहट कहाँ हुई है
    जो लेखनी ने बयान की है,
    जो ध्वनि सुनी थी कभी मुहोब्बत की
    आज फिर से सुनाई दी है।
    निगाहों से मिलने को निगाहें
    पलक झपकते मिला ही दी हैं।
    सुहाना मौसम सुहाने पल-क्षणकवि ने इस कविता को बहुत ही रोचक ढंग से प्रस्तुत किया है शानदार प्रस्तुति बहुत उमदा लेखन

Leave a Reply