4 Comments

  1. पढ़ा कर किसी निर्धन बच्चे को,
    जान जाओगे तुम, सुख सच्चे को।
    ह्रदय में बहने लगेगी,
    एक पवित्र सी गंगा।
    ——- वाह, अति उत्तम प्रस्तुति। भाव व शिल्प दोनों ही उच्चस्तरीय हैं।

    1. प्रेरक और उत्कृष्ट समीक्षा के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद सतीश जी हार्दिक आभार सर

Leave a Reply