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  1. निरन्तर सत्-पथ पे जो चलता
    उसके मस्तक पे ही तेज चमकता
    झूठ की राह जिसने त्यागा
    उसको ही सच मिला
    _________ सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हुई और झूठ को त्यागने का सुंदर सुझाव देती हुई कवि विकास जी की अति उत्तम रचना

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