4 Comments

  1. बहुत समय बाद
    सुनाई दिए आपके सुनहरे बोल
    मन प्रसन्न हुआ,
    पढ़कर पंक्तियाँ अनमोल।
    —– आदरणीय शास्त्री जी की सुमधुर रचना। वाह

  2. वाह भाई जी, बहुत ही सुंदर पंक्तियां, जिंदगी की सच्चाइयों को बयान करती हुई मधुर रचना

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