चिकित्सक डटे हुए हर बार,
बीमारों का करें उद्धार।
लगाकर दवा ज़ख़्म पर,
कर रहे हैं उपचार।
शत्-शत् नमन् है चिकित्सकों को,
उनके सेवा भाव को प्रणाम।
गंभीर व्याधि के मौसम में भी,
एक सैनिक की तरह डटे हुए हैं।
मुकाबला कर रहे रोग से,
बीमारों का रख रहे ध्यान।
स्वागत है चिकित्सकों का,
ये ही बचा रहे हैं जान।
संजीवनी है हाथों में इनके,
इनको कोटि-कोटि प्रणाम
_____✍गीता
*स्वागत है चिकित्सकों का*
Comments
12 responses to “*स्वागत है चिकित्सकों का*”
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सुंदर भाव सुंदर विचार अत्यंत सुंदर रचना
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धन्यवाद ऋषि जी बहुत-बहुत आभार
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अतिसुंदर भाव
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बहुत-बहुत धन्यवाद भाई जी🙏
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चिकित्सकों के सम्मान में बहुत सुंदर कविता
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धन्यवाद सीमा जी
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स्वागत है चिकित्सकों का,
ये ही बचा रहे हैं जान।
संजीवनी है हाथों में इनके,
इनको कोटि-कोटि प्रणाम।
—- चिकित्सकीय पेशे को सैल्यूट करती पंक्तियों हेतु हार्दिक धन्यवाद। बहुत सुंदर रचना-
आपकी इस सुंदर और उत्साहवर्धक समीक्षा के लिए हार्दिक धन्यवाद सतीश जी
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True line, nice poetry
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Thanks
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बहुत सुंदर, कितना अच्छा लिखती हैं गीता जी आप।
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आपका हृदय तल से आभार कमला जी, उत्साहवर्धन के लिए बहुत बहुत बहुत धन्यवाद
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