बैसाखी

नई फसल के आगमन का प्रतीक बैसाखी,
खुशियों के आने का संकेत बैसाखी।
नई फसल कटती है खेतों से,
आती है घर।
रौशन करती कृषक का जीवन,
खुशहाली लाती घर-आंगन।
नई फ़सल के आने से,
हर देशवासी को मिलता है अन्न
हर घर में रौनक आती है,
ह्रदय होता है प्रसन्न॥
____✍गीता

Comments

6 responses to “बैसाखी”

  1. अति उत्तम रचना

    1. आभार पीयूष जी

  2. Satish Pandey

    नई फ़सल के आने से,
    हर देशवासी को मिलता है अन्न
    हर घर में रौनक आती है,
    ह्रदय होता है प्रसन्न॥
    —— वैशाखी पर अतुलनीय रचना, वाह, बहुत खूब

    1. उत्साहवर्धक और प्रेरक समीक्षा हेतु आपका बहुत-बहुत धन्यवाद सतीश जी, अभिवादन सर

  3. अतिसुंदर रचना

    1. सादर आभार भाई जी🙏

Leave a Reply

New Report

Close