4 Comments

  1. भीतर ही नहीं सोखना
    उत्साह को,
    बल्कि मन में बुलंदी रख
    कदम चलना होगा।
    __________ कवी सतीश जी की उत्साह प्रदान करने वाली बहुत सुंदर और सराहनीय रचना, उम्दा लेखन

Leave a Reply