आँख में देखना
कुछ नया भाव होगा,
धड़कते दिल में
कोई घाव होगा।
वो पुराना हो
या नया हो
मगर रख हौसले से
भरना होगा,
मुकाबला
समस्याओं से
डटकर करना होगा।
कुछ नए परिवर्तन को
एक प्रयास तुझे
करना होगा।
उबलता भाव जो भी हो
न ठंडा हो पाये
बल्कि उस भाव को लेकर
बढ़ना होगा।
भीतर ही नहीं सोखना
उत्साह को,
बल्कि मन में बुलंदी रख
कदम चलना होगा।
कुछ नया भाव होगा
Comments
4 responses to “कुछ नया भाव होगा”
-

बहुत सराहनीय रचना
-
भीतर ही नहीं सोखना
उत्साह को,
बल्कि मन में बुलंदी रख
कदम चलना होगा।
__________ कवी सतीश जी की उत्साह प्रदान करने वाली बहुत सुंदर और सराहनीय रचना, उम्दा लेखन -

वाह बहुत खूब
-
बहुत सुंदर अभिव्यक्ति
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.