2 Comments

  1. कैसे पायेगा लक्ष्य तू ही बता
    ऐसे मायूस पथ में होने से,
    तैर ले बाढ़ है दुःखों की अगर
    अपनी किस्मत को यूँ डुबोने से।
    ____________ पाठक को प्रोत्साहित करती हुई कवि सतीश जी की बहुत ही श्रेष्ठ रचना, उच्च स्तरीय लेखन

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