4 Comments

  1. जो गया लौट कर
    आया नहीं।
    शहर का हो गया
    गांव फिर भाया नहीं।
    वह चबूतरा टूटता
    टूटता सा,
    ____________ गांव से शहर आने पर और फिर गांव ना लौट पाने का बहुत ही हृदय स्पर्शी चित्रण प्रस्तुत किया है कवि सतीश जी ने अपने इस रचना में , अति उत्तम अभिव्यक्ति, उम्दा लेखन

Leave a Reply