4 Comments

  1. चुनाव की वास्तविकता का चित्रण जहां विकास का नामोंनिशां नही होता, सिर्फ खोखले वादे
    बहुत सुंदर लेखन

  2. वे जीत जाते हैं
    वह हार जाता है,
    उसका विकास पड़ा रह जाता है,
    और लोग विकसित हो जाते हैं।
    ____________ चुनावों के पहले के खोखले वादे और चुनावों के बाद की वास्तविकता का बहुत ही खूबसूरती से चित्रण किया है कवि सतीश जी ने अपनी इस रचना में। सच्ची अभिव्यक्ति और उम्दा लेखन

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