अपराध नहीं है
शेर का हिरण को खाना
चिड़ियों का चुगना दाना
पेड़ का कड़ी धूप में मुस्कुराना
अपराध नहीं है शेर चिड़िया, पेड़ का पाठ शाला न जाना क्यूँकि पाठशाला में जाता है केवल इंसान का बच्चा
अपराध है इंसान के बच्चे का शेर चिडि़या, पेड़ को कच्चा चबाना
अपराध है इंसान के बच्चे की पाठशाला का
जिसने उसकी आदत बिगड़ने दिया
मध्यांह भोजन का देकर खाना
पाठशाला के अभाव में वह अपराध का आदी न होता
सर्वाहारी होने के बाद भी आता नहीं पचाना
अपराध है अस्पतालों का जिसमे बैठे डॉक्टर
उसके उदर की भूख नहीं शांत करा पाए अब तक
यदि यही चला तो तय है प्रथ्वी का इंसान के उदर में जाना
क्योंकि इंसान के बच्चे की पाठशाला ने उसे सिखा दिया है
सब कुछ खाना और पचाना
अपराध क्या है?
Comments
5 responses to “अपराध क्या है?”
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बहुत सुंदर रचना सुंदर अभिव्यक्ति
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धन्यवाद
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बहुत सुन्दर रचना
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परिपक्व सोच को दिखाती हुई सुंदर पंक्तियां
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बहुत सुंदर
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