6 Comments

  1. आज पूरित हो खूब मेहनत कर,
    ना घड़ी एक भी गवानी है,
    है कठिन यह समय मगर तूने
    राह मंजिल की अपनी पानी है।।
    _ उम्दा लेखन👏👏

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