सोचा था आज है हनुमान जयंती, कराऊगीं सुंदर से भजन कीर्तन
पर बड़ा द्रवित यह मन हो उठा, सुनकर चंहुओर क्रंदन
करती हूं प्रार्थना बजरंगी, सुन लो अब मेरी विनती ।
लोगों की पीड़ा हरो , ताकि स्वस्थ और खुशहाल हो सब जन
———-✍️———— एकता गुप्ता
प्रार्थना (हनुमान जयंती )
Comments
6 responses to “प्रार्थना (हनुमान जयंती )”
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समसामयिक वातावरण का यथार्थ प्रस्तुतीकरण।
वह दिन जरूर आएगा जब चारों तरफ खुशहाली होगी हनुमान जयंती की हार्दिक बधाई आपको
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आपको भी प्रज्ञा जी 🙏🏻🙏🏻
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Thank u
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आज हनुमान जयंती के पावन उपलक्ष्य पर आपकी अप्रतिम रचना ,
बहुत सुंदर प्रार्थना ।-

सादर अभिनंदन अमिता जी
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बहुत खूब
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