अभ्यास कीजिये

पानी है यदि सफलता
अभ्यास कीजिये,
अपने हुनर का तुम निरंतर
अभ्यास कीजिये।
व्यवहार में कमी हो कहीं
अहसास कीजिये
कमियां सुधारने का,
अभ्यास कीजिये।
आदत है बोलने की
तो सच बोलिये,
जिह्वा में सच समाये
अभ्यास कीजिये।
करनी है जिद तो आप
कुछ बनने की कीजिये
गिरने की जिद नहीं हो
अभ्यास कीजिये।
अपने में मुग्ध हो तो
होते ही जाईये
कमियां दिखें स्वयं की
अभ्यास कीजिये।
निंदा की बात करना
व्यवहार में अगर हो
तो छूट जाए वह सब
अभ्यास कीजिये।

Comments

2 responses to “अभ्यास कीजिये”

  1. Ekta Gupta

    करनी है जिद तो आप कुछ बनने की कीजिए
    सुंदर अभिव्यक्ति

  2. वाह बहुत सुंदर प्रेरक भाव

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