कविता : माँ (हैपी मदर्स डे )

माँ के जीवन की सब साँसे
बच्चों के ही हित होती हैं
चोट लगे जब बालक के तन को
आँखें तो माँ की रोती हैं
ख़ुशी में हमारी ,वो खुश हो जाती है
दुःख में हमारे ,वो आंसू बहाती है
निभाएं न निभाएं हम
अपना वो फ़र्ज़ निभाती है
ऐसे ही नहीं वो ,करुणामयी कहलाती है
प्रेम के सागर में माँ ,अमृत रूपी गागर है
माँ मेरे सपनों की ,सच्ची सौदागर है ||
व्यर्थ प्रेम के पीछे घूमती है दुनिया
माँ के प्रेम से बढकर ,कोई प्रेम नहीं है
जितनी भी जीवित संज्ञाएँ भू पर उदित हैं
वे सब माँ के नभ की ,प्राची में अवतरित हैं
जो जीवन को नई दिशा देने ,अवतरित हुए हैं
जो अज्ञान तिमिर में ,बनकर सूरज अवतरित हुए हैं
उन सबके ऊपर ,बचपन में माँ की कृपा थी
उनके जीवन पर माँ के उपकारों की वर्षा थी
अगर ईश्वर कहीं है ,उसे देखा कहाँ किसने
माँ ईश्वर की है रचना ,पर ईश्वर से बढ़कर है
छीन लाती है अपने औलाद के खातिर खुशियां
इसकी दुआ जय के शिखरों पर बैठाती
हर रूह ,हर धड़कन में
जीने का हौसला माँ भरती
घना अंधेरा हो तो माँ दीपक बन जाती
ऐसे नहीं वो करुणामयी कहलाती
प्रेम के सागर में माँ ,अमृत रूपी गागर है
माँ मेरे सपनों की ,सच्ची सौदागर है ||

Related Articles

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

माँ

प्रेम के सागर में अमृत रूपी गागर है माँ मेरे सपनों की सच्ची सौदागर है भूल कर अपनी सारी खुशियां हमको मुस्कुराहट भरा समंदर दे…

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

Responses

  1. मां ईश्वर की है रचना पर ईश्वर से बढ़कर है,
    बहुत सुंदर अभिव्यक्ति👍👍

  2. प्रेम के सागर में मां , अमृत रूपी गागर है
    बहुत सुंदर वर्णन

New Report

Close