ये रिश्ते अब अमानत
इन्हें तुम ऐसे मत तोड़ो
अगर कोई शिकायत है
तो हमसे बेझिझक बोलो
मगर ए हुस्न के मालिक !
ना इतरा तू इस तरह से
क्षणिक है हुस्न की महफिल
इसे वर्षों में मत तोलो।।
इसे वर्षों में मत तोलो।।
Comments
5 responses to “इसे वर्षों में मत तोलो।।”
-
बहुत सुंदर
-

बहुत-बहुत धन्यवाद शास्त्री जी
-
-

Nice
-

Thankyou Ekta
-
-

Very nice
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.