पाया है मानव तन तो उपकार कीजिए
छोटे बड़े सभी से ही प्यार कीजिए
उदर भरना जानवार भी जानते हैं खूब
नफरत से नहीं प्रेम से अधिकार कीजिए
उपकार कीजिए
Comments
4 responses to “उपकार कीजिए”
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बहुत खूब, उत्तम पंक्तियाँ
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Nice lines
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उपकार कीजिए वाह बहुत ही सुंदर अभिव्यक्ति
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बहुत सुंदर
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