दोस्ती

कछुआ और खरगोश दौड लगाएगे
अधूरे हैं दोनों मंजिल कैसे पायेगे
मुश्किलें हो जाएगी आसान
जब दोनों दोस्त हो जाएंगे

Comments

2 responses to “दोस्ती”

  1. Ji bilkul dosti hi hal hai

  2. अतिसुंदर भाव 

Leave a Reply

New Report

Close