सदियों पुरानी मर्यादा तोड़ दिया
अच्छा किया
कानून को मानना छोड़ दिया
अच्छा किया
असहायों की बस्ती में बंब फोड़ दिया
अच्छा किया
अमीरों के सामने गरीब ने दम तोड़ दिया
अच्छा किया
शराब पीकर भीड़ की ओर वाहन मोड़ दिया
अच्छा किया
आतंकियों से नाता जोड लिया
अच्छा किया
पद पाने के लिए घूस एक करोड़ दिया
अच्छा किया
अच्छा किया, कहने वाले कभी अल्प संख्यक थे
मगर आज बहु संख्यक हो गए हैं
अच्छा किया
Comments
5 responses to “अच्छा किया”
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वाह।
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बहुत सुंदर रचना
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वास्तविक चित्रण
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वास्तविकता को इंगित करती हुई पंक्तियां
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बहुत खूब
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