महसूस कर लेना

एक रास्ता है जो
आपसे मिलाता है,
है कठिन मगर वो ही
आस को जगाता है।
मन से मांगकर पाँखें
तन में घौंप दी जायें
उड़ चलूँ मिलूँ आकर
ये उमड़ पड़ी चाहें।
या मन ही भेज दूँ
बस पहचान लेना
भेजे हुए सिंगनल
महसूस कर लेना।
मन न भी भेज सको तो
कुछ तो करना
प्रत्युत्तर की तरंगें
भेज देना।

Comments

9 responses to “महसूस कर लेना”

  1. बहुत सुंदर अभिव्यक्ति 

    1. Satish Chandra Pandey

      सादर धन्यवाद शास्त्री जी

  2. Geeta kumari

    भेजे हुए सिंगनल
    महसूस कर लेना।
    मन न भी भेज सको तो
    कुछ तो करना
    प्रत्युत्तर की तरंगें
    भेज देना।
    टैलीपैथी को मानती हुई कवि सतीश जी की बहुत ही सुन्दर पंक्तियाँ, अति उत्तम अभिव्यक्ति

    1. आपकी समीक्षात्मक टिप्पणी को सादर धन्यवाद। अपने जीवन में आई अत्यंत कठिन घड़ी को आपने झेला है। बिटिया चली गई, कोरोना ने आपको झकझोर दिया। अब ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि आप धीरे धीरे अपने आपको संभालें। आपकी टिप्पणी अमूल्य है। और आपकी टिप्पणी से मन बहुत खुश हुआ। अभिवादन

      1. Geeta kumari

        🙏🙏

  3. Divya Avatar

    सुंदर  भाव 

    1. Satish Chandra Pandey

      सादर धन्यवाद

  4. Praduman Amit

    बहुत ही सुन्दर भाव है

    1. Satish Chandra Pandey

      बहुत बहुत धन्यवाद

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