7 Comments

  1. प्याज की कई
    परतों की तरह,
    जज्बात छिपाए रखते हो
    भीतरी परत तक का
    साथ निभा देते हो।…
    …… प्याज के माध्यम से कवि ने मानव हृदय की भावनाओं को व्यक्त किया है.. साधारण से प्याज के उदाहरण से कवि सतीश जी ने बहुत ही असाधारण और सच्ची बात कह दी है, यही तो कवि की विशेषता है… लाजवाब लेखन

Leave a Reply