ठहराव ठीक नहीं

ठहराव ठीक नहीं
फिर वो जीवन का हो
या पानी का
मुझे दादाजी ने सिखाया था
बूढ़े सागर ने जवां नदियों को
समझाया है

ठहराव ठीक नहीं

फिर वो नया सीखने की ललक का हो
या मंजिल में पहुंचने से पहले
सफर का
मुझे असफलताओं ने सिखाया है
और रुके तालाब ने प्यासे राहगीरों को
ठहराव ठीक नहीं

Comments

5 responses to “ठहराव ठीक नहीं”

      1. Shyam Kunvar Bharti

        स्वागत है

  1. वाह क्या बात है 

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